ग्रीन नाहरगढ़ एवं विकास संस्थान

Green Nahargarh & Vikas Sansthan


आप हम सभी का सहयोग होगा- तभी तो नाहरगढ का विकास होगा ।

ग्रीन नाहरगढ़ एवं विकास संस्थान

ग्रीन नाहरगढ़ एवं विकास संस्थान का गठन 16 जून 2019 को नाहरगढ़ ग्राम के समग्र विकास को ध्यान में रखकर बनाया गया है। भविष्य में य़ह प्लेटफॉर्म नाहरगढ़ के विकास को विजन दिखाने वाला प्लेटफॉर्म होगा। फ़िलहाल इसकी एक इकाई ग्रीन नाहरगढ़ प्रोजेक्ट के माध्यम से पौधारोपण अभियान चलाया जा रहा है। पौधारोपण के उद्देश्य की पूर्ति के लिए ग्रीन पार्क का निर्माण करवाया जा रहा है। यह पार्क गुना मार्ग स्थित वन विभाग की जमीन पर बनाया जा रहा है। जहां पर एक कबीर आश्रम भी स्थित है। इसके अग्र भाग में दो प्रवेश द्वार बनाए गए है। इस पार्क में विभिन्न प्रजाति के लगभग 300 पौधे लगाए गए हैं। पार्क के बीच में एक ग्रेवल ट्रैक का निर्माण करवाया गया है। लगभग 10 हजार वर्ग फिट में लोन लगवाई गई है। बड़े मीटिंग हॉल का निर्माण करवाया गया है। जगह-जगह बेंचेज लगवाई गई है। पार्क में बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले, चकरी एवं फिसल पट्टी लगवाई गई है। सुविधाओं का विस्तार करते हुए लेट बाथ कंपलेक्स बनाया गया है। ग्रीन नाहरगढ़ प्रोजेक्ट एवं अन्य विकास कार्यो के संचालन के लिए एक सोसायटी का गठन किया गया है।.

अध्यक्ष-रूपनारायण नागर , उपाध्यक्ष-देवेंद्र सिंघल, उपाध्यक्ष-अखिलेश मंगल, कोषाध्यक्ष-रामेश्वरप्रसाद गर्ग , सचिव-राधेश्याम जिंदल, सचिव-नंदकिशोर नागर, प्रवक्ता-जावेद खान,

केबिनेट सदस्य

नवल नगर, राकेश सिंघल, नितिन सोनी, रामबाबू नागर, राजेंद्र शर्मा, जितेंद्र जिंदल, मुकेश गर्ग, पारस जिंदल, बृजेश बंसल, मलकीत सिंह, पंकज मंगल चन्द्रप्रकाश नागर, पुरुषोत्तम नागर, इन्द्रजीत सिंह सोलंकी, राहुल जैन। को जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही 100 से अधिक सक्रिय सदस्य बन चुके हैं। इन सदस्यों से मासिक शुल्क के रूप में ₹500 लिया जाता है। हाल ही में इस शुल्क से ग्रीन पार्क में विकास के कार्य गतिशील है। ग्रीन पार्क में पौधों के चारों ओर चबूतरे बनाए जा रहे हैं। नाले की दीवार का कार्य, लेट बाथ कॉम्प्लेक्स का कार्य करवाया गया हे।